Thursday, November 14, 2024

 बाल दिवस (14 नवम्बर)


हर वर्ष 14 नवम्बर को हम बाल दिवस के रूप में मानते हैं। 14 नवंबर को भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन मनाया जाता है जिसे बाल दिवस या Children’s Day के रूप में मनाया जाता है। पंडित जवाहरलाल नेहरू को बच्चों से बहुत प्यार और लगाव था। बच्चे भी उन्हें उतना ही प्यार करते थे। वे हर वर्ष अपने जन्मदिन पर अनेक बच्चों से मिलते थे और उनके साथ ही अपना समय बिताते थे। इसी वजह से ही हर वर्ष 14 नवम्बर को पूरे देश में उत्साह के साथ बाल दिवस मनाया जाता है। वे बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय थे। 

पी.एम. श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 जयपुर पुस्तकालय में दिनांक 14 नवंबर 2024 को बाल दिवस मनया गया जिसमें विद्यालय के प्राचार्य श्री पी.के. टेलर, उप प्राचार्य श्री बी.एस. राठौर, प्रधानाचार्य श्री महेश बुनकर तथा अन्य अध्यापक गण और विद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे । इस कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक विभाग के बच्चों द्वारा विभिन्न झांकियां तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका सभी ने भरपूर आनंद लिया ।
















Friday, November 8, 2024

Visit of Class XI Students at INNOFEST INDIA 2024 (START EXPO) on 08 Nov 2024

 INNOFEST INDIA 2024


पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 के कक्षा ग्यारहवीं के छात्र-छात्राओं ने दिनांक 8 नवंबर 2024 को राजस्थान  इनोफेस्ट इंडिया 2024 जो कि स्टार्टअप को लेकर किया गया था उसमें भाग लिया जिसमें लगभग 100 छात्र-छात्राएं तथा विद्यालय के पांच अध्यापक शामिल रहे ।  इस इनोफेस्ट के अंदर राजस्थान के जो नए स्टार्टअप हो रहे हैं उनके बारे में अपने स्टाल लगाकर जानकारी दे रहे थे । विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने इसका भरपूर फायदा उठाया और नई चीजों के बारे में सीखा । यह कार्यक्रम  राजस्थान इंटरनेशनल हाल नंबर 3 झालाना डूंगरी में आयोजित किया गया था । यह विद्यार्थियों के लिए काफी लाभदायक रहा ।











Wednesday, November 6, 2024

National Cancer Awareness Day 07 Nov 2024

 राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस


देश में प्रत्येक वर्ष 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस (National Cancer Awareness Day) मनाया जाता है ताकि जानलेवा बीमारी से लड़ने के लिये शुरुआती कैंसर का पता लगाने की आवश्यकता के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके। 

प्रमुख बिंदु:

  • कैंसर (Cancer): यह बीमारियों का एक बड़ा समूह है जिसमें असामान्य कोशिकाएँ अनियंत्रित रूप से बढ़ती हैं तथा शरीर में अपने आस-पास के हिस्सों पर आक्रमण करने या अन्य अंगों में फैलने के लिये अपनी सामान्य सीमाओं को पार कर जाती हैं। यह शरीर के किसी भी अंग या ऊतक में शुरू हो सकती है। इस बीमारी में अंतिम अवस्था को मेटास्टेसाइज़िंग (Metastasizing) कहा जाता है और यह कैंसर से मृत्यु का एक प्रमुख कारण है।
    • कैंसर के अन्य सामान्य नाम नियोप्लाज़्म (Neoplasm) और मैलिग्नेंट ट्यूमर (Malignant Tumor) हैं।  
    • फेफड़े, प्रोस्टेट (Prostate), कोलोरेक्टल (Colorectal), पेट एवं यकृत का कैंसर पुरुषों में सबसे आम हैं, जबकि स्तन, कोलोरेक्टल, फेफड़े, ग्रीवा एवं थायरॉयड का कैंसर महिलाओं में सबसे आम हैं।
  • कैंसर भारत सहित दुनिया भर में जीर्ण एवं गैर-संचारी रोगों (Non-Communicable Diseases- NCD) की वजह से होने वाली बीमारियों एवं मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कैंसर मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण है और वर्ष 2018 में विश्व स्तर पर लगभग 18 मिलियन मामले कैंसर से संबंधित थे जिनमें से 1.5 मिलियन मामले अकेले भारत से थे।
  • वर्ष 2018 में वैश्विक स्तर पर 9.58 मिलियन के मुकाबले भारत में लगभग 0.8 मिलियन मौतें कैंसर से हुईं। वर्ष 2040 तक भारत में नए मामलों की संख्या दोगुनी होने का अनुमान जताया गया है।
  • कैंसर के कारण होने वाली मौतों को रोका जा सकता है: मुख्य जोखिम कारकों को छोड़कर कैंसर से होने वाली 30-50% मौतों को रोका जा सकता है। प्रमुख जोखिम वाले कारकों में तंबाकू का उपयोग, शराब का उपयोग, असंतुलित आहार, पराबैंगनी विकिरण का संपर्क, प्रदूषण, पुराने संक्रमण आदि शामिल हैं।
  • कैंसर का उपचार: कैंसर के उपचार के विकल्प के रूप में सर्जरी, कैंसर की दवाएँ या रेडियोथेरेपी शामिल हैं। 
    • उपशामक देखभाल (Palliative Care) जो रोगियों एवं उनके परिवारों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने पर केंद्रित है, कैंसर देखभाल का एक अनिवार्य घटक है।
  • कैंसर से निपटने हेतु वैश्विक पहल:  वर्ष 1965 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक विशेष कैंसर एजेंसी के रूप में ‘इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर’ (International Agency for Research on Cancer- IARC) का गठन विश्व स्वास्थ्य सभा के एक संकल्प द्वारा किया गया था। 
    • प्रत्येक वर्ष 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) मनाया जाता है।
  • भारत द्वारा शुरू की गई पहलें: भारत में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission- NHM) के तहत कैंसर, मधुमेह, हृदय रोगों एवं स्ट्रोक की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिये राष्ट्रीय कार्यक्रम (National Programme for Prevention and Control of Cancer, Diabetes, Cardiovascular Diseases and Stroke- NPCDCS) को ज़िला स्तर पर लागू किया जा रहा है। 
  • आयुष्मान भारत के दायरे में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana) को गरीब एवं कमज़ोर समूहों के स्वास्थ्य संबंधी वित्तीय बोझ को कम करने हेतु लागू किया जा रहा है, जो गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच प्रदान करेगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • राष्ट्रीय कैंसर ग्रिड (National Cancer Grid- NCG): NCG देश भर में प्रमुख कैंसर केंद्रों, अनुसंधान संस्थानों, रोगी समूहों एवं धर्मार्थ संस्थानों का एक नेटवर्क है, जिसका उद्देश्य कैंसर की रोकथाम, निदान एवं उपचार के लिये रोगियों की देखभाल के समान मानकों की स्थापना के साथ ऑन्कोलॉजी (Oncology) [कैंसर का अध्ययन] में विशेष प्रशिक्षण एवं शिक्षा तथा कैंसर में नैदानिक अनुसंधान की सुविधा प्रदान करना है। 
    •  राष्ट्रीय कैंसर ग्रिड (NCG) का गठन अगस्त 2012 में किया गया था।  
  • राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (National Pharmaceutical Pricing Authority- NPPA) ने कैंसर पीड़ित मरीज़ों के लिये स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक किफायती बनाने अर्थात् कैंसर-रोधी दवाओं की कीमतों को कम करने के लिये फरवरी 2019 में 42 एंटी कैंसर दवाओं के लिये व्यापार मार्जिन युक्तिकरण (Trade Margin Rationalisation) पर एक पायलट परियोजना लॉन्च की थी। इससे दवाओं की कीमतों में कमी आई है।

Tuesday, October 29, 2024

Celebration of Annual sports Day 2024 on 29 Oct 2024 in KV 2 Jaipur

वार्षिक खेलकूद दिवस मनाया गया


पी एम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 जयपुर में दिनांक 29 अक्टूबर 2024  को वार्षिक खेलकूद दिवस मनाया गया,  इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्यालय के प्राचार्य श्री प्रदीप कुमार टेलर रहे तथा विशिष्ट अतिथि श्रीमान कालूराम जाट, वरिष्ठ सचिवालय सहायक, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 जयपुर, उप प्राचार्य बी. एस. राठौर, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा विद्यार्थीयो ने भाग लिया । इस कार्यक्रम में विद्यार्थीयो के द्वारा विभिन्न  सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई तथा विद्यार्थीयो के बीच खेलकूद  प्रतियोगिताओ का आयोजन किया गया, जिसमे विद्यार्थीयो जोश ने के साथ भाग लिया ।मुख्य अतिथि महोदय ने सभी को सम्बोधित किया और विद्यार्थीयो के  जीवन मे खेलकूद का महत्व  बताया । श्रीमान कालूराम जाट जो कि 31 अक्टूबर 2024 को केंद्रीय विद्यालय संगठन से सेवानिवृत हो रहे हैं, उन्होने भी विद्यार्थीयो  को खेलकूद का महत्व बताया तथा अपना आशीर्वाद दिया ।

 













Monday, October 21, 2024

10 Days Workshop for Ex servicemen by AWPO, Jaipur

10 Days Workshop for Ex servicemen by AWPO


पी एम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 जयपुर में दिनांक 19 अक्टूबर 2024 को AWPO आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट आर्र्नाइजेशन की तरफ से एक्स् सर्विसमैंन  तथा उनके परिवार के लिए AWPO की तरफ से 10 दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया जिसमें 30 प्रतिभागियो को कंप्यूटर के बारे मे विस्तार से सिखाया गया । वर्कशॉप के समापन समारोह मे AWPO के डायरेक्टर कर्नल राजेश भूकर,  199 मीडियम रेजिमेंट CO कर्नल रजत,  विद्यालय के प्राचार्य श्री पी के टेलर, उप प्राचार्य श्री बी एस राठौर तथा सभी  प्रतिभागी उपस्थित रहे ।  AWPO के डायरेक्टर कर्नल राजेश भूकर ने सभी प्रतिभागियो को प्लेसमेंट के बारे मे विस्तार से बताया तथा आशवासन दिया की उनको रोजगार दिलाने मे पूरी सहायता की जायेगी । कार्यक्रम के अंत मे सभी प्रतिभागियो को प्रणाम पत्र देकर सम्मानित किया गया ।











Tuesday, October 1, 2024

Gandhi Jayanti (02 Oct 2024)

  महात्मा गाँधी 


महात्मा गाँधी का जन्म 2 अक्टूबर सन् 1867 को, पश्चिम भारत (वर्तमान गुजरात) के एक तटीय शहर में हुआ। इनके पिता का नाम करमचंद गाँधी तथा माता का नाम पुतलीबाई था। महात्मा गाँधी के पिता कठियावाड़ के छोटे से रियासत (पोरबंदर) के दिवान थे। आस्था में लीन माता और उस क्षेत्र के जैन धर्म के परंपराओं के कारण गाँधी जी के जीवन पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा। जैसे की आत्मा की शुद्धि के लिए उपवास करना आदि। 13 वर्ष की आयु में गाँधी जी का विवाह कस्तूरबा से करवां दिया गया था।



गाँधी जी का बचपन में पढ़ाई में मन नहीं लगता था पर बचपन से ही उन्हें उचित अनुचित में फर्क पता था। इनकी प्रारंभिक शिक्षा पोरबंदर से संपंन हुई, हाईस्कूल की परिक्षा इन्होंने राजकोट से दिया। और मैट्रीक के लिए इन्हें अहमदाबाद भेज दिया गया। बाद में वकालत इन्होंने लंदन से संपन्न किया।महात्मा गाँधी का यह मानना था भारतीय शिक्षा सरकार के नहीं अपितु समाज के अधिन है। इसलिए महात्मा गाँधी भारतीय शिक्षा को ‘द ब्यूटिफुल ट्री’ कहा करते थे। शिक्षा के क्षेत्र में उनका विशेष योगदान रहा। भारत का हर नागरिक शिक्षित हो यही उनकी इच्छा थी। गाँधी जी का मूल मंत्र ‘शोषण विहिन समाज की स्थापना’ करना था। गाँधी जी के आधारभूत शिक्षा सिद्धांत :-

  • 7 से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा मिलनी चाहिए।
  • शिक्षा का माध्यम मातृभाषा हो।
  • साक्षरता को शिक्षा नहीं कहा जा सकता।
  • शिक्षा बालक के मानवीय गुणों का विकास करता है।

दक्षिण अफ्रीका में गाँधी जी को भारतीय पर हो रहे प्रताड़ना को सहना पड़ा। फर्स्ट क्लास की ट्रेन की टिकट होने के बावजूद उन्हें थर्ड क्लास में जाने के लिए कहा गया। और उनके विरोध करने पर उन्हें अपमानित कर चलती ट्रेन से नीचे फेक दिया गया। इतना ही नहीं दक्षिण अफ्रीका में कई होटल में उनका प्रवेश वर्जित कर दिया गया। वर्ष 1914 में उदारवादी कांग्रेस नेता गोपाल कृष्ण गोखले के बुलावे पर गाँधी भारत वापस आए। इस समय तक बापू भारत में राष्ट्रवाद नेता और संयोजक के रूप में प्रसिद्ध हो गए थे। उन्होंने देश की मौजूदा हालात समझने के लिए सर्वप्रथम भारत भ्रमण किया।

गाँधी एक कुशल राजनीतिज्ञ के साथ बहुत अच्छे लेखक भी थे। उन्होंने जीवन के उतार चढ़ाव को कलम की सहायता से बखूबी पन्ने पर उतारा है। महात्मा गाँधी ने, हरिजन, इंडियन ओपिनियन, यंग इंडिया में संपादक के तौर पर काम किया। तथा इनके द्वारा लिखी प्रमुख पुस्तक हिंद स्वराज (1909), दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह (इसमें उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में अपने संघर्ष का वर्णन किया है), मेरे सपनों का भारत तथा ग्राम स्वराज हैं। यह गाँधीवाद धारा से ओतप्रोत पुस्तक आज भी समाज में नागरिक का मार्ग दर्शन करती हैं।दलाई लामा के शब्दों में, “आज विश्व शांति और विश्व युद्ध, अध्यात्म और भौतिकवाद, लोकतंत्र व अधिनायकवाद के मध्य एक बड़ा युद्ध चल रहा है” इस अदृश्य युद्ध को जड़ से खत्म करने के लिए गाँधीवाद विचारधार को अपनाया जाना आवश्यक है। विश्व प्रसिद्ध समाज सुधारकों में, संयुक्त राज्य अमेरिका के मार्टिन लूथर किंग, दक्षिण अमेरिका के नेल्सन मंडेला और म्यांमार के आंग सान सू के जैसे ही लोक नेतृत्व के क्षेत्र में गाँधीवाद विचारधारा सफलता पूर्वक लागू किया गया है।

भारत वापस लौटने के बाद गाँधी जी ने ब्रिटिश साम्राज्य से भारतीय स्वतंत्रता की लड़ाई का नेतृत्व किया। उन्होंने कई अहिंसक सविनय अवज्ञा अभियान आयोजित किए, अनेक बार जेल गए। महात्मा गाँधी से प्रभावित होकर लोगों का एक बड़ा समूह, ब्रिटिश सरकार का काम करने से इनकार करना, अदालतों का बहिष्कार करना जैसा कार्य करने लगा। यह प्रत्येक विरोध ब्रिटिश सरकार के शक्ति के समक्ष छोटा लग सकता है लेकिन जब अधिकांश लोगों द्वारा यह विरोध किया जाता है तो समाज पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ता है।

30 जनवरी 1948 की शाम दिल्ली स्थित बिड़ला भवन में मोहनदास करमचंद गाँधी की नाथूराम गोडसे द्वारा बैरटा पिस्तौल से गोली मार कर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड में नाथूराम सहित 7 लोगों को दोषी पाया गया। गाँधी जी की शव यात्रा 8 किलो मीटर तक निकाली गई। यह देश के लिए दुःख का क्षण था।आश्चर्य की बात है, शांति के “नोबल पुरस्कार” के लिए पांच बार नॉमिनेट होने के बाद भी आज तक गाँधी जी को यह नहीं मिला। सब को अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले प्रिय बापू अब हमारे बीच नहीं हैं पर उनके सिद्धान्त सदैव हमारा मार्ग दर्शन करते रहेंगे।

Wednesday, September 25, 2024

हिंदी भाषा एवं साहित्य पुस्तक प्रदर्शनी 25 सितंबर 2024

हिंदी भाषा एवं साहित्य पुस्तक प्रदर्शनी


पी.एम. श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 जयपुर पुस्तकालय में दिनांक 25 सितंबर 2024 को हिंदी भाषा एवं साहित्य पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसमें हिंदी भाषा से संबंधित पुस्तके तथा हिंदी में लिखी गई अन्य विषयों पर पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया जिसमें विद्यालय के प्राचार्य श्री पी.के. टेलर, उप प्राचार्य श्री बी,एस. राठौर, पुस्तकालयाध्यक्ष श्री महेंद्र कुमार भूकर तथा अन्य अध्यापक गण और विद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे इस प्रदर्शनी का सभी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने विद्यालय पुस्तकालय में आकर अच्छी तरह से अवलोकन किया और भरपूर फायदा उठाया |











E Waste Collection Drive in PM Shri KV No 2 Jaipur (26-28 Oct 2026)

  पी एम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2, जयपुर में ई-वेस्ट कलेक्शन अभियान का आयोजन पी एम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2, जयपुर में दिनांक...