Wednesday, November 11, 2020

राष्‍ट्रीय शिक्षा दिवस (National Education Day) 11 नवंबर 2020

 राष्‍ट्रीय शिक्षा दिवस


National Education Day 2020: भारत में हर साल 11 नवंबर को राष्‍ट्रीय शिक्षा दिवस (National Education Day) के रूप में मनाया जाता है. दरअसल, देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद (Maulana Abul Kalam Azad) की जयंती 11 नवंबर को होती है, जिसे देश में ‘‘राष्ट्रीय शिक्षा दिवस'' के रूप में मनाया जाता है. बता दें कि मानव संसाधान मंत्रालय ने 11 नवंबर 2008 को ऐलान किया था कि हर साल 11 नवंबर को राष्‍ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाएगा. शिक्षा के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान के लिए मौलाना आजाद को साल 1922 में भारत के सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान भारत रत्‍न से सम्‍मानित किया गया था.


अबुल कलाम ने 1947 से 1958 तक स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया। उनका मानना था कि मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा दी जानी चाहिए। उन्होंने न केवल महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया बल्कि उन्होंने 14 साल की आयु तक सभी बच्चों के लिए निशुल्क सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा की वकालत की।

मौलाना आजाद अपने समय के एक प्रमुख पत्रकार थे और भारतीय राष्ट्रवादी आंदोलन का कारण भी बने। उन्होंने शिक्षा और राष्ट्र के विकास के बीच संबंध को समझा। बता दें कि 1950 में संगीत नाटक अकादमी, साहित्य अकादमी, ललित कला अकादमी का गठन हुआ था। ये सब आजाद की अगुवाई में ही हुआ था। इसके साथ ही 1949 में, सेंट्रल असेंबली में, उन्होंने आधुनिक विज्ञान के महत्व पर ज्यादा जोर दिया था।  मौलाना ने शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए अत्यधिक स्कूलों, कालेजों एवं विश्वविद्यालयों की स्थापना करवाई थी। इसके अलावा मौलाना अबुल कलाम आजाद AICTE और UGC जैसे उचे निकायों की स्थापना के लिए जिम्मेदार थे। इसे अलावा आईआईटी, आईआईएससी और स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग की भी उनके द्वारा स्थापना की गई थी। 

इस वर्ष राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2020 की थीम 'कौशल जागरूकता और सशक्तिकरण' रखी गई है। इस थीम को रखने का उद्देश्य केवल लोगों में कौशल विकास को विकसित करना है। भारत के हर नागरीक और खासकर छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस का इतिहास और राष्ट्रीय शिक्षा दिवस का महत्व के बारे में जरूर पता होना चाहिए।


देश में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने में मौलाना आजाद का बहुमूल्य योगदान है। मौलाना आजाद का मानना था कि एक शिक्षित समाज से ही राष्ट्र का निर्माण संभव है। उनके शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान के कारण यह घोषणा की गई। इस दिन का अवकाश नहीं रखा गया है। इस दिन स्कूलों में सेमिनार, निबंध प्रतियोगिता, रैली आदि होती हैं। इसके  अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 जयपुर द्वारा कुछ कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है :-


    (a)   Slogen Witing - (Topic-  शिक्षा का महत्वं/Importance of Education)

 

    (b)    Essay Writing 200 words - (Topic-  शिक्षा का महत्वं/Importance of Education)


 Instructions

    (a)    At least two slogans for each participant.
    (b)    Students can write a slogan in Hindi or English.
    (c)    There are two categories of students 
            (i)    Category   I -  Class III to VIII.
            (ii)    Category II -  Class IX to XII.

Last date of submission of entries is 15 November 2020.

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