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Sunday, September 5, 2021
Saturday, September 4, 2021
Sports Day Celebration in KV No1 Jaipur on 04 September 2021
केंद्रीय विधालय क्रमांक 1 जयपुर मे दिनांक 04 सितम्बर 2021 को खेल दिवस मनाया गया जिसमे मुख्य अतिथि डॉक्टर प्रतिभा सिंह रत्त्नू, सहायक निदेशक खेल, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर ने भाग लिया ! विधालय के प्राचार्य श्री अशोक कुमार, श्री खुशीराम मीना, शारीरिक शिक्षक तथा विधालय के अन्य शिक्षकगण मौजूद रहे और विधालय के विधार्थियो ने भी भाग लिया !
अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस/International Literacy Day (8 सितंबर 2021)
विश्व साक्षरता दिवस
“Literacy for a human-centered recovery: Narrowing the digital divide”
“मानव-केंद्रित पुनर्प्राप्ति के लिए साक्षरता: डिजिटल विभाजन को कम करना”
आज के समय में व्यक्ति की प्राथमिक आवश्यकताएं रोटी, कपड़ा और मकान से अधिक महत्वपूर्ण शिक्षा (साक्षरता) को माना जाता हैं | इसलिए साक्षरता दिवस मनाने का लक्ष्य उन लोगों को शिक्षा के साथ जोड़ना जो अब तक इससे वाचित रहे हैं | कई देशो में साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए मिशन योजनाए चलाई जा रही है | क्योकि जब तक देश की अधिकांश आबादी साक्षर नही हो जाती हैं तब तक गरीबी, अंधविश्वास, लिंग भेद, जनसंख्या बढ़ोतरी जैसी सामजिक समस्याओं पर नियंत्रण पाना असम्भव हैं | भारत में साक्षरता स्तर को मजबूत बनाने के लिए साकार भारत मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, मिड डे मिल प्रोढ़ शिक्षा जैसे साक्षरता कार्यक्रम कई वर्षो से चल रहे हैं |
भारत प्राचीन समय में विश्व गुरु कहलाता था, मगर आज हालत यह हैं कि कुल आबादी का एक चौथाई तक़रीबन 30 करोड़ लोग आज भी अशिक्षित हैं | इस असफलता के पीछे हमारी सरकारों और समाज दोनों की गलतियाँ बराबर जिम्मेदार हैं | 2011 में हुई जनगणन के आकड़ो पर हम नजर डाले तो मात्र 4 फीसदी ही महिलाएँ साक्षर हो पाई हैं | 2001 की जनगणना में महिलओं की साक्षरता दर 60 फीसदी के आस-पास थी जो अब 64 तक ही बढ़ पाई हैं | गणतंत्र राष्ट्र के शिक्षित नागरिक ही अपने कर्तव्यो और अधिकारों के लिए जागरूक होकर इनका सही उपयोग कर सकता हैं | शिक्षित युवाओं द्वारा सक्रिय भूमिका निभाने से वर्तमान स्थति में काफी हद तक सुधार लाया जा सकता हैं | साक्षरता के महत्व को समझते हुए International Literacy Day की पहल शिक्षा के प्रचार-प्रचार में अहम हथियार हैं |
आज जो भी देश विकास व् तकनीक के विषय में सर्वोच्च हैं उनका आधार मूलत शिक्षा ही हैं | सामजिक द्रष्टि से भी शिक्षा जरुरी हैं क्योकि पढ़ा-लिखा व्यक्ति ही समाज के प्रति जिम्मेदारियों को समझते हुए सदुपयोग कर सकता हैं | हमारे देश की अधिकतर आबादी गाँवों में निवास करती हैं | जहाँ शिक्षा का आज भी निम्न स्तर हैं, जिस कारण लोग जाति धर्म जैसे बन्धनों में खुद को बांधे रखते हैं | साक्षरता व्यक्ति को अँधेरे से बाहर निकालकर एक उज्जवल भविष्य की राह दिखाने का कार्य करता हैं |
साक्षरता दर बढ़ाने के लिए किये गये प्रयासों में हमारे देश व् विभिन्न राज्यों की बात करे तो आज सभी राज्यों में अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम को शिक्षा के अधिकार के रूप में जगह दी गई हैं | लेकिन एक कानून को मौलिक अधिकार बना देने के बावजूद क्या 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चे स्कुलो तक पहुच पाए. क्या बाल श्रम पर पूर्ण रोक लग पाई | ये सवाल हमारे दिलों दिमाग को तब तक कोसते रहेंगे, जब तक समाज के हर तबके का व्यक्ति शिक्षा के प्रति जाग्रत नही हो जाता | जरुरत हैं इस तरह के कानूनों को आमजन तक पहुचाने की ओर उन्हें इसके प्रति जागरूक करने की | तभी असल में विश्व साक्षरता दिवस मनाने का उद्देश्य सच्चे अर्थो में साकार होगा |
Teacher's Day (05 Sep 2021)
शिक्षक दिवस
भारत में, 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में समाज में शिक्षकों द्वारा किए गए योगदान को श्रद्धांजलि के रूप में मनाया जाता है। 5 सितंबर एक महान शिक्षक डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती है, जो शिक्षा के कट्टर विश्वासी थे और एक प्रसिद्ध राजनयिक, विद्वान, भारत के राष्ट्रपति और सबसे बढ़कर एक शिक्षक थे। जब उनके कुछ छात्रों और दोस्तों ने उनसे संपर्क किया और उनसे उनका जन्मदिन मनाने की अनुमति देने का अनुरोध किया, तो उन्होंने कहा, "मेरा जन्मदिन अलग से मनाने के बजाय, यह मेरे लिए गर्व की बात होगी, अगर 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है"। तभी से भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
प्रथम शिक्षक दिवस कब मनाया गया?
शिक्षक दिवस का महत्व
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का शिक्षा में योगदान
Sunday, August 29, 2021
National Sports Day 2021
राष्ट्रीय खेल दिवस 2021
29 अगस्त को हर साल भारत में 'राष्ट्रीय खेल दिवस' (National Sports Day) के रूप में मनाया जाता है. इस बार का राष्ट्रीय खेल दिवस (नेशनल स्पोर्ट्स डे) इसलिए भी ख़ास है क्योंकि, भारत ने हाल ही में हुए टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में भारत (India) ने टोक्यो गेम्स 2020 में अपने अब तक के बेस्ट यानी 7 ओलंपिक पदक हासिल किये हैं.
इस दिन के महत्त्व की बात की जाए, तो यह दिन मेजर ध्यानचंद के सम्मान में मनाया जाता है और विभिन्न खेलों में खिलाडियों के महत्वपूर्ण योगदान के लिए राजीव गांधी खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, ध्यानचंद पुरस्कार और द्रोणाचार्य पुरस्कार जैसे पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है.
खेलों के प्रति खिलाड़ियों का सम्मान, छिपी प्रतिभा को ढूंढना, एथलीटों की सफलता के लिए परिवारों, कोचों और सहयोगी स्टाफ के उत्कृष्ट समर्थन की सराहना करने के लिए हर साल राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। इसके अलावा ये दिवस अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए शारीरिक गतिविधि और खेल के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए हाॅकी के दिग्गज मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष 29 अगस्त को ‘राष्ट्रीय खेल दिवस 2021’ के रूप में मनाया जाता है।
राष्ट्रीय खेल दिवस क्यों मनाया जाता है
सन 1979 में, भारतीय डाक विभाग ने मेजर ध्यानचंद को उनकी मृत्यु के बाद श्रद्धांजलि दी और दिल्ली के राष्ट्रीय स्टेडियम का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद स्टेडियम, दिल्ली कर दिया. 2012 में, यह घोषणा की गई थी कि खेल की भावना के बारे में जागरूकता फैलाने और विभिन्न खेलों के संदेश का प्रचार करने के उद्देश्य से एक दिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए और इसके लिए फिर से मेजर ध्यानचंद को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी गई और 29 अगस्त को भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई.
मेजर ध्यानचंद कौन थे?
Thursday, August 26, 2021
READ INDIA CELEBRATION 2021
READ INDIA CELEBRATION 2021
The Read India celebration 2021 in association with Republic Media Network has instituted an event for the students from classes III to XII to engage students in a transformative nonacademic reading, problem solving and leadership experience during 2021.
Reading is crucial to personal growth as it exposes individuals to the ideas, philosophies, and practices of some of the greatest minds across the globe. Several Business leaders believe that deep, broad reading helps cultivate the knowledge, habits, and talents needed to improve their organizations. The leadership benefits of reading are wide-ranging. Reports suggest reading can improve intelligence and lead to innovation and insight.
There is a well-established connection between reading, leadership & success that exists worldwide. Raghuram Ananthoj is a visionary with the mission to encourage students to pursue practical reading alongside academic learning that fosters independent thinking & innovation. With the mission to create future trailblazing leaders, he started the Read India Celebration Initiative.
Leading Self and Republic Media Network proudly launch The Read India Celebration 2021, an exclusive book reading & leadership initiative that will spark independent ideas in the minds of young Indians. Read India Celebration 2021 is a unique opportunity for Schools (Class 3rd to Class 12th ) to engage students in a transformative non-academic reading and leadership experience. The initiative focuses on three main aspects - Read, Think & Act. It encourages students to pursue reading as a habit that helps them develop an unconventional thought process, diverse opinions & become future leaders.
Here's how students can participate:
- Register at https://readindia.info/cms/student-register
- Read a book/ research on the proposed topic
- Submit a one-page summary on the book or research along with an innovative idea to resolve any issue of their choice & a 1 to 2 min video on Read India Celebration experience
- The last day for students to register is 31 August 2021 & the last day for students to submit their work is 15 Sept 2021.
When students adopt a knowledge-based culture, read books, read themselves, think independently & act, they change themselves & eventually transform the nation. Join Read India Celebration International 2021 & express the leader in you. To know more visit, https://readindia.info/
Sunday, August 22, 2021
Saturday, August 7, 2021
राष्ट्रगान गाएं, अपना वीडियो रिकॉर्ड करें
राष्ट्रगान गाएं, अपना वीडियो रिकॉर्ड करें
आजादी का अमृत महोत्सव भारत की आजादी की 75वां वर्ष मनाने के उपलक्ष्य में पूरे देश में मनाया जा रहा है। इस महोत्सव के तहत जन भागीदारी बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संस्कृति मंत्रालय द्वारा इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए राष्ट्रगान से जुड़ी ऐसी ही एक अनूठी पहल शुरू की गई है ताकि सभी भारतीयों में गर्व और एकता की भावना भरी जाए। इसमें लोगों को राष्ट्रगान गाने और वेबसाइट www.RASHTRAGAAN.IN पर वीडियो अपलोड करने के लिए आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रगान का संकलन 15 अगस्त, 2021 को लाइव दिखाया जाएगा।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गत 25 जुलाई को ‘मन की बात’कार्यक्रम में आजादी का अमृत महोत्सव के एक भाग के रूप में इस पहल की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने कहा, “संस्कृति मंत्रालय की ओर से यह प्रयास है कि अधिक से अधिक संख्या में भारतीय एक साथ राष्ट्रगान गाएं। इसके लिए एक वेबसाइट भी बनाई गई है- राष्ट्रगानडॉटइन (Rashtragan.in)। इस वेबसाइट की मदद से आप राष्ट्रगान को प्रस्तुत कर सकते हैं और इसे रिकॉर्ड कर सकते हैं, और इस अभियान से जुड़ सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि आप इस नई पहल से खुद को जोड़ेंगे।"
सभी विधार्थी अपना वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए ईस लिंक पर जाये https://rashtragaan.in/
Tuesday, August 3, 2021
Thursday, July 29, 2021
International Tiger Day (29 July 2021)
विश्व बाघ दिवस
विश्व भर में 29 जुलाई 2021 को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जा रहा है . यह दिवस जागरूकता दिवस के तौर पर मनाया जाता है. अवैध शिकार और वनों के नष्ट होने के कारण विभिन्न देशों में बाघों की संख्या में काफी कमी आई है.
केन्द्रीय पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने बाघ संरक्षण के लिए सामाजिक आंदोलन प्रारंभ करने की आवश्यकता को दोहराया है. इससे पहले डॉ. हर्षवर्धन ने भारतीय चिड़ियाघरों के वन्य जीवों के स्वास्थ्य तथा पोषण प्रबंधन पर एक मैनुअल जारी किया.
इस दिवस को मनाने का उद्देश्य जंगली बाघों के निवास के संरक्षण एवं विस्तार को बढ़ावा देने के साथ बाघों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. इनकी तेजी से घटती संख्या को नियंत्रित करना बहुत ज़रूरी है, नहीं तो ये खत्म हो जाएंगे.
वर्तमान में बाघों की संख्या अपने न्यूनतम स्तर पर है. पिछले 100 वर्षों में बाघों की आबादी का लगभग 97 फीसदी खत्म हो चुकी है. ‘वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फंड’ और ‘ग्लोबल टाइगर फोरम’ के 2016 के आंकड़ों के मुताबिक, पूरी दुनिया में लगभग 6000 बाघ ही बचे हैं, जिनमें से 3891 बाघ भारत में हैं. वर्ष 1915 में बाघों की संख्या एक लाख थी.
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस 29 जुलाई को मनाने का फैसला वर्ष 2010 में सेंट पिट्सबर्ग बाघ समिट में लिया गया था क्योंकि तब जंगली बाघ विलुप्त होने के कगार पर थे. इस सम्मेलन में बाघ की आबादी वाले 13 देशों ने वादा किया था कि वर्ष 2022 तक वे बाघों की आबादी दुगुनी कर देंगे.
बाघ को भारत का राष्ट्रीय पशु कहा जाता है. बाघ देश की शक्ति, शान, सतर्कता, बुद्धि और धीरज का प्रतीक है. बाघ भारतीय उपमहाद्वीप का प्रतीक है और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र को छोड़कर पूरे देश में पाया जाता है. पूरी दुनिया में बाघों की कई तरह की प्रजातियां मिलती हैं. इनमें 6 प्रजातियां मुख्य हैं. इनमें साइबेरियन बाघ, बंगाल बाघ, इंडोचाइनीज बाघ, मलायन बाघ, सुमात्रा बाघ और साउथ चाइना बाघ शामिल हैं.
WWF, IFAW और Smithsonian Institute सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठन दिन में शामिल हैं।सातवां वार्षिक वैश्विक टाइगर दिवस दुनिया भर के विभिन्न तरीकों से मनाया गया था। बांग्लादेश, नेपाल और भारत के साथ-साथ इंग्लैंड और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे non-tiger-range में स्थानीय कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। कुछ हस्तियों ने भी अपनी सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल तस्वीरें हटाकर भाग लिया। WWF ने रेंजरों में निवेश के माध्यम से “Double Tigers” अभियान के प्रचार को जारी रखा। जागरूकता बढ़ानेें और मदद के लिए कई कंपनियों ने WWF के साथ साझेदारी की।अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस हर साल 29 जुलाई को मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय टाइगर डे को ग्लोबल टाइगर डे भी कहा जाता है। बाघ संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाने के लिए इस दिन मनाया जाता है। बाघ सबसे बड़ी बिल्ली है और यह उल्लेखनीय प्राणी है, जिसमें इसके अद्वितीय काले और नारंगी पट्टियां और आकर्षक रूप से चिह्नित चेहरे हैं, एक दिन है जो इसे समर्पित है।
Tuesday, July 13, 2021
World population day (11 July 2021)
विश्व जनसंख्या दिवस 2021
दुनियाभर में इसी बढ़ती आबादी के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 11 जुलाई को वर्ल्ड पॉपुलेशन डे (विश्व जनसंख्या दिवस) मनाया जाता है। कब हुई इसकी शुरुआत? 11 जुलाई 1989 को संयुक्त राष्ट्र ने आम सभा में विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का फैसला किया था।
दुनियाभर में बढ़ती जनसंख्या परेशानी का एक बड़ा कारण बन गई है। इसकी वजह से अशिक्षा, बेरोजगारी, भुखमरी और गरीबी अनियंत्रित होती जा रही है। वर्ल्डोमीटर्स के मुताबिक, इस समय दुनिया की कुल जनसंख्या सात अरब 87 करोड़ 85 लाख से भी अधिक है। हर दिन लाखों की संख्या में जनसंख्या बढ़ रही है। फिलहाल दुनिया में सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश चीन है, जबकि दूसरे स्थान पर भारत है। चीन की जनसंख्या जहां एक अरब 44 करोड़ से अधिक है, तो वही भारत की जनसंख्या एक अरब 39 करोड़ से अधिक है।
हालांकि बढ़ती जनसंख्या से निपटने के लिए परिवार नियोजन जैसे समाधान मौजूद हैं, लेकिन लोगों में इसकी जागरूकता की कमी है। दुनियाभर में इसी बढ़ती आबादी के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 11 जुलाई को वर्ल्ड पॉपुलेशन डे (विश्व जनसंख्या दिवस) मनाया जाता है।
कब हुई इसकी शुरुआत?
11 जुलाई 1989 को संयुक्त राष्ट्र ने आम सभा में विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का फैसला किया था। दरअसल, साल 1987 तक दुनिया की जनसंख्या पांच अरब के पास पहुंच चुकी थी, जो चिंता का विषय बन गई थी। इसीलिए दुनियाभर के लोगों को बढ़ती जनसंख्या के प्रति जागरूक करने के लिए यह दिवस मनाने की शुरुआत की गई।
क्या है विश्व जनसंख्या दिवस की थीम?
इस साल विश्व जनसंख्या दिवस 2021 की थीम 'कोविड-19 महामारी का प्रजनन क्षमता पर प्रभाव' है। इस साल यह वैश्विक स्तर पर यौन और प्रजनन स्वास्थ्य और प्रजनन व्यवहार पर कोविड-19 महामारी के प्रभाव पर अधिक प्रकाश डालने के लिए मनाया जाएगा।
इस दिन पूरी दुनिया में जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए तरह-तरह से उपायों से लोगों को परिचित कराया जाता है। इसके अलावा परिवार नियोजन के मुद्दे पर भी बातचीत की जाती है। इस दिन जगह-जगह जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम होते हैं और उन कार्यक्रमों के जरिये लोगों को जागरूक करने की कोशिश की जाती है, ताकि बढ़ती जनसंख्या पर लगाम लगाई जा सके।
चीन के बाद भारत में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी है. जहां दुनिया के 18.47% में चीन का योगदान है, वहीं भारत वैश्विक आबादी के 17.70% हिस्से में है. ऐसे में संयुक्त राष्ट्र कहता है कि जनसंख्या में वृद्धि बड़े पैमाने पर प्रजनन आयु तक जीवित रहने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि और प्रजनन दर में बड़े बदलाव, शहरीकरण में वृद्धि और प्रवास में तेजी के साथ हुई है. यह चेतावनी देता है कि आने वाली पीढ़ियों पर इसका असर होगा. इस समस्या को दूर करने के लिए विश्व स्तर पर जनसंख्या मैनेजमेंट पर ध्यान देना चाहिए.
Saturday, July 3, 2021
International Plastic Bag Free Day (03 July 2021)
अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस
पॉलीथिन के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के प्रति जागरुक करने के उद्देश्य से हर वर्ष (03 July) तीन जुलाई को इंटरनेशनल प्लास्टिक बैग फ्री डे मनाया जाता है। इसके बाद भी लोग प्रतिबंधित पॉलीथिन के इस्तेमाल कर रहे हैं।आज प्लास्टिक का उपयोग काफी बढ़ गया है। यह हमारे लिए हानिकारक है, इसके बावजूद बैग से लेकर चाय के कप तक, हर चीज में प्लास्टिक का प्रयोग किया जा रहा है। प्लास्टिक से होने वाले नुक्सान, इसके बढ़ते उपयोग को रोकने और लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए 3 जुलाई, 2009 से पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग फ्री-डे मनाने की शुरुआत हुई।
Celebration of National Sports Day on 29 August 2026 in PM shri KV No 2 Jaipur
राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 जयपुर में दिनांक 29 अगस्त 2026 को 15वां राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया, जिसमें ...


















