Saturday, February 24, 2024

Workshop for Bangles Making on 22 Feb 2024.

                      लाख की चूड़ियां बनाना


पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 जयपुर में आज दिनांक 22 फरवरी 2024 को बच्चों में कौशल विकास के लिए एक  प्रदर्शनी  का  आयोजन किया गया  जिसमें  बच्चों  को  लाख की चूड़ियां बनाना सिखाया गया | जिसमे बच्चों तथा अध्यापकों ने खुद भी अपने हाथों से  यह सब बनाने का भरपूर आनंद उठाया । लाख का उत्पादन कहां से होता है किस प्रकार इसे चूड़ियां बनाई जाती हैं यह सब बच्चों को सिखाया गया ।








Workshop for Carpenter Work on 24 Feb 2024

बढ़ई (कारपेंटर) के कार्य की कार्यशाला


पीएम श्री  केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 जयपुर में आज दिनांक 24 फरवरी 2024 को बच्चों में कौशल विकास के लिए एक  प्रदर्शनी  का  आयोजन किया गया  जिसमें  बच्चों  को  बढ़ई (कारपेंटर) का कार्य कैसे किया जाता है सिखाया गया |  जिसमे बच्चों तथा अध्यापकों ने खुद भी अपने हाथों से  फर्निचर की मरम्मत का कार्य किया जिसमे विद्यालय  की मेज,  कुर्सी, बोर्ड आदि की मरम्मत  करके कार्य का भरपूर आनंद उठाया । 











Monday, February 19, 2024

Celebration of Grand Parents Day on 17 Feb 2024.

दादा-दादीनाना-नानी दिवस मनाया गया


पीम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक जयपुर में दिनांक 17  दिसम्बर 2024 को ग्रैंड पेरेंट्स डे मनाया गया,  इस कार्यक्रम दादा-दादीनाना-नानीविधालय के प्राचार्य श्री प्रदीप कुमार टेलरउप प्राचार्य बी. एस. राठौरप्रधानाध्यापक श्री महेश कुमार बुनकरशिक्षक-शिक्षिकाएं तथा विद्यार्थीयो ने भाग लिया । इस कार्यक्रम में प्राथमिक विभाग के विद्यार्थीयो के द्वारा विभिन्न  सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई ।  इस कार्यक्रम मे दादा दादीनाना - नानीयो के लिये भी कुछ प्रतियोगिताये का आयोजन किया गया जिसमे उन्होने जोश के साथ भाग लिया  















Pottery Making Show on 19 Feb 2024.

मिट्ट्टी के  बर्तन बनाने की कार्यशाला 


पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 जयपुर में आज दिनांक 19 फरवरी 2024 को बच्चों में कौशल विकास के लिए एक  प्रदर्शनी  का  आयोजन किया गया  जिसमें  बच्चों  को  मिट्ट्ट्वी के  बर्तन बनाने, खिलौने बनाना,दीपक, सुराही गुलदस्ता, गुल्लक आदि बनाने के लिए बच्चों को सिखाया गया | बच्चों तथा अध्यापकों ने खुद भी अपने हाथों से  यह सब बनाने का भरपूर आनंद उठाया ।

मृत्तिका तथा अन्य सिरैमिक पदार्थों का उपयोग करके 'बर्तन एवं अन्य वस्तुए बनाना कुंभकारी कहलाता है। इन बर्तनों को कठोर और टिकाऊ बनाने के लिए उच्च ताप पर पकाया जाता है। कुंभकारी एक व्यापक शब्द है और इसके अन्तर्गत मिट्टी के बर्तन, पत्थर के बर्तन तथा चीनी मिट्टी के बर्तन एवं वस्तुएँ बनाने का कार्य सभी आ जाते हैं। इन वस्तुओं को 'मृद्भाण्ड' (शाब्दिक अर्थ - मिट्टी के बर्तन) कहते हैं। इस कार्य को करने वाले को कुम्हार कहा जाता है और जिस स्थान पर इन्हें बनाया जाता है उसे चाक (पॉटर) कहते हैं। 









Model Answers for Class X and XII for the Year 2025

  The Model Answers Sheets of CBSE for Class X and XII for the Year 2025 were available on CBSE Website, Link as under . Model Answer | Cent...